PM Kisan 22nd Installment Date: भारत सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना देश के करोड़ों छोटे और सीमांत किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा बन चुकी है। इस योजना की शुरुआत फरवरी 2019 में हुई थी और तब से अब तक 11 करोड़ से अधिक किसान परिवार इसका लाभ उठा चुके हैं। योजना के तहत हर पात्र किसान को प्रतिवर्ष ₹6,000 की राशि तीन समान किस्तों में प्रदान की जाती है, जो सीधे उनके बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT के माध्यम से भेजी जाती है। इस योजना की 22वीं किस्त 13 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री द्वारा असम के गुवाहाटी से जारी की गई, जिसमें पात्र किसानों के खाते में ₹2,000 की राशि हस्तांतरित की गई।
22वीं किस्त का महत्व और कुल वितरण आंकड़ा
इस 22वीं किस्त के जारी होने के साथ ही पीएम किसान योजना के तहत अब तक का कुल वितरण ₹4.27 लाख करोड़ से अधिक हो गया है, जो इस योजना की व्यापकता और सफलता को दर्शाता है। 21वीं किस्त 19 नवंबर 2025 को कोयंबटूर, तमिलनाडु से जारी की गई थी, जिसमें लगभग 9 करोड़ किसानों को करीब ₹18,000 करोड़ की राशि वितरित की गई थी। हर किस्त चार महीने के अंतराल पर जारी की जाती है, जिससे किसानों को खेती से जुड़े मौसमी खर्चों में सीधी मदद मिलती है। 23वीं किस्त मई-जून 2026 के बीच जारी होने की संभावना है, हालाँकि इसकी आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।
पात्रता की शर्तें – कौन किसान होंगे लाभान्वित
इस योजना का लाभ सभी किसानों को नहीं मिलता, बल्कि इसके लिए कुछ निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करनी होती हैं। योजना का लाभ उन्हीं किसान परिवारों को मिलता है जिनके पास खेती योग्य भूमि हो, जिनके नाम राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के भूमि अभिलेखों में दर्ज हों और जो भारतीय नागरिक हों। आयकरदाता किसान, सरकारी कर्मचारी, डॉक्टर, इंजीनियर, वकील जैसे पेशेवर और संस्थागत भूमि धारक इस योजना के पात्र नहीं हैं। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सहायता केवल वास्तविक जरूरतमंद किसानों तक ही पहुँचे और सार्वजनिक धन का दुरुपयोग न हो।
ई-केवाईसी क्यों है जरूरी — इसे कैसे पूरा करें
सरकार ने सभी पीएम किसान लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी को अनिवार्य कर दिया है और जो किसान यह प्रक्रिया पूरी नहीं करते, उनकी किस्त में देरी या रुकावट आ सकती है। ई-केवाईसी के लिए किसान pmkisan.gov.in पर जाकर ओटीपी आधारित सत्यापन कर सकते हैं। जिन किसानों के पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है, वे नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर यानी CSC पर जाकर बायोमेट्रिक या फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके साथ ही बैंक खाते का आधार से लिंक होना और भूमि अभिलेखों का अद्यतन होना भी किस्त प्राप्त करने के लिए आवश्यक है।
स्थिति कैसे जाँचें और अफवाहों से कैसे बचें
किस्त का पैसा खाते में आया या नहीं, यह जाँचने के लिए किसान pmkisan.gov.in पर जाकर “Know Your Status” विकल्प पर अपना पंजीकरण नंबर या आधार नंबर दर्ज करके पूरी जानकारी देख सकते हैं। किस्त जारी होने के बाद किसानों के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर SMS के माध्यम से भी सूचना दी जाती है। सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों से सावधान रहें और किसी भी जानकारी की पुष्टि केवल सरकारी पोर्टल या पीएम किसान हेल्पलाइन नंबर 155261 अथवा 011-24300606 से करें। यह हेल्पलाइन सोमवार से शुक्रवार सुबह 9:30 बजे से शाम 6 बजे तक उपलब्ध रहती है।
अस्वीकरण: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और सत्यापित स्रोतों के आधार पर तैयार किया गया है। पात्रता और किस्त से संबंधित किसी भी विवाद या समस्या के लिए कृपया pmkisan.gov.in पर जाएँ या पीएम किसान हेल्पलाइन 155261 पर संपर्क करें। किसी भी निजी वेबसाइट या अनधिकृत स्रोत पर दी गई जानकारी पर भरोसा न करें।









