सोना-चांदी में बड़ी गिरावट; एक्सपर्ट बोले- अब ये नहीं रहे सुरक्षित निवेश Gold-Silver Prices

By Meera Sharma

Published On:

Gold-Silver Prices
Join WhatsApp
Join Now

Gold-Silver Prices: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब सीधे कमोडिटी बाजार पर दिखने लगा है। हाल ही में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने के बाद सोने और चांदी की कीमतों में अचानक गिरावट दर्ज की गई है। यह गिरावट ऐसे समय आई है जब निवेशक इन धातुओं को सुरक्षित निवेश के रूप में देखते हैं।

इस घटनाक्रम ने बाजार में नई चर्चा छेड़ दी है कि क्या अब सोना-चांदी पहले जितने सुरक्षित निवेश विकल्प नहीं रहे। आइए विस्तार से समझते हैं कि आखिर इस गिरावट के पीछे क्या कारण हैं और आगे बाजार का रुख कैसा रह सकता है।

ईरान-अमेरिका तनाव का बाजार पर असर

हाल ही में ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप के युद्धविराम प्रस्ताव को ठुकरा दिया, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। ईरान ने अमेरिका के सामने कुछ सख्त शर्तें रखी हैं और साथ ही स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर अपना नियंत्रण दोहराया है।

यह भी पढ़े:
EPFO Pension Update 2026 कर्मचारियों की मासिक पेंशन में बड़ी बढ़ोतरी EPFO Pension Update 2026

इस स्थिति ने वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है। आमतौर पर ऐसे माहौल में सोने की कीमतें बढ़ती हैं, लेकिन इस बार इसके उलट गिरावट देखने को मिली, जिसने निवेशकों को चौंका दिया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना-चांदी की गिरावट

ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमत $4,500 प्रति औंस के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे आ गई। इंट्राडे के दौरान यह करीब $4,413 प्रति औंस तक गिर गई, जो हाल के समय में एक बड़ी गिरावट मानी जा रही है।

चांदी की कीमतों में भी कमजोरी देखने को मिली। यह $70 प्रति औंस के स्तर से नीचे गिरकर लगभग $67 प्रति औंस तक पहुंच गई। इस गिरावट से साफ संकेत मिलता है कि बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ा हुआ है।

यह भी पढ़े:
8th Pay Commission 2026 केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी खबर – सैलरी कब बढ़ेगी? पूरी डिटेल 8th Pay Commission 2026

घरेलू बाजार में भी दिखा असर

अंतरराष्ट्रीय संकेतों का असर भारत के घरेलू बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। MCX पर शाम के सत्र में सोने और चांदी के वायदा भाव में गिरावट दर्ज की गई।

सोने का वायदा भाव करीब 2.43 प्रतिशत गिरकर ₹1,40,830 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं चांदी की कीमत में लगभग 5.88 प्रतिशत की गिरावट देखी गई और यह ₹2,24,605 प्रति किलोग्राम के स्तर तक पहुंच गई।

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का प्रभाव

इस दौरान वैश्विक तेल बाजार में भी हलचल देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत फिर से $100 प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई है। वहीं अमेरिकी WTI क्रूड भी करीब $93 प्रति बैरल तक चढ़ गया है।

यह भी पढ़े:
8th pay cpc दोगुना से भी ज्यादा होगा HRA! सैलरी बदलने पर बदलेंगी दर, ऐसे मिलेगा फायदा, ये रहा कैलकुलेशन 8th CPC Salary Calculator

तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर महंगाई पर पड़ता है। जब महंगाई बढ़ने की आशंका होती है, तो निवेशक अपने पोर्टफोलियो को संतुलित करने के लिए अलग-अलग एसेट्स में निवेश करते हैं। इसका प्रभाव सोने और चांदी की मांग पर भी पड़ता है।

ब्याज दरों को लेकर बदला नजरिया

बाजार में यह धारणा मजबूत हो रही है कि अमेरिका का केंद्रीय बैंक इस साल ब्याज दरों में कटौती नहीं करेगा। पहले जहां निवेशकों को दरों में कमी की उम्मीद थी, अब वह उम्मीद कम हो गई है।

जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं, तो बॉन्ड जैसे निवेश विकल्प ज्यादा आकर्षक बन जाते हैं। इसके कारण सोने जैसी धातुओं में निवेश थोड़ा कम हो जाता है, क्योंकि इन पर कोई ब्याज नहीं मिलता। यही कारण है कि फिलहाल सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।

यह भी पढ़े:
PM Awas Yojana 2026 List PM Awas Yojana 2026 List जारी! तुरंत चेक करें नाम – मिलेगा फ्री पक्का घर

डॉलर की मजबूती से बढ़ा दबाव

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित विकल्प के रूप में अमेरिकी डॉलर की ओर झुकाव दिखा रहे हैं। इससे डॉलर इंडेक्स मजबूत हुआ है और यह अपने उच्च स्तर के करीब पहुंच गया है।

मजबूत डॉलर का मतलब यह होता है कि अन्य देशों के निवेशकों के लिए सोना और चांदी महंगे हो जाते हैं। इससे इनकी मांग में कमी आती है और कीमतों पर दबाव बढ़ जाता है।

क्या अब सुरक्षित निवेश नहीं रहा सोना

कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि सोना और चांदी अब पारंपरिक सुरक्षित निवेश की श्रेणी से धीरे-धीरे बाहर निकल रहे हैं। उनका कहना है कि ये धातुएं अब जोखिम वाले एसेट की तरह व्यवहार करने लगी हैं।

यह भी पढ़े:
IMD Alert देश के कई राज्यों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी का खतरा! आपके राज्य का पूरा मौसम अपडेट IMD Alert

हालांकि, सभी विशेषज्ञ इस राय से सहमत नहीं हैं। कई निवेशक अभी भी इसे लंबी अवधि के लिए सुरक्षित मानते हैं, लेकिन यह जरूर साफ है कि अब इनकी कीमतों में पहले की तुलना में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म अनुमान

विशेषज्ञों के अनुसार, शॉर्ट टर्म में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है। अगर भू-राजनीतिक तनाव कम होता है, तो कीमतों में उछाल आ सकता है।

अनुमान है कि सोना $4,400 से बढ़कर $5,000 प्रति औंस तक जा सकता है। वहीं चांदी $85 प्रति औंस के स्तर तक पहुंच सकती है। लेकिन लंबी अवधि में बाजार में गिरावट का खतरा भी बना हुआ है, खासकर अगर वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी आती है।

यह भी पढ़े:
Ayushman Card 2026 Ayushman Card 2026: ₹5 लाख तक फ्री इलाज! अभी चेक करें आपका नाम

घरेलू निवेशकों के लिए क्या संकेत

भारत के निवेशकों के लिए यह समय सतर्क रहने का है। बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण जल्दबाजी में निर्णय लेने से नुकसान हो सकता है।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निवेशकों को लंबी अवधि के लक्ष्य को ध्यान में रखकर ही निवेश करना चाहिए। साथ ही, पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखना जरूरी है ताकि जोखिम कम किया जा सके।

कुल मिलाकर, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजार को प्रभावित किया है, लेकिन इस बार सोने और चांदी में अपेक्षित तेजी की बजाय गिरावट देखने को मिली है। इसके पीछे डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों का दबाव और तेल बाजार की स्थिति जैसे कई कारण हैं।

यह भी पढ़े:
LPG Gas Price Change 2026 LPG Gas Price Change 2026: एलपीजी गैस सिलेंडर की नई कीमतें 2026: दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा रेट्स और सब्सिडी के नियम

आने वाले समय में इन धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। इसलिए निवेशकों को सोच-समझकर निर्णय लेना चाहिए और बाजार की स्थितियों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।

Disclaimer

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी विभिन्न रिपोर्ट्स और अनुमानों पर आधारित है। निवेश से संबंधित किसी भी निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

यह भी पढ़े:
Pan Card New Rule पैन कार्ड वालो के लिए नई मुशीबत नया नियम लागू Pan Card New Rule

Meera Sharma

Meera Sharma is a talented writer and editor at a top news portal, shining with her concise takes on government schemes, news, tech, and automobiles. Her engaging style and sharp insights make her a beloved voice in journalism.

Leave a Comment